हादसा या हत्या
सड़क के किनारे दो बच्चों के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी मच गई। जिस स्थिति में दोनों बच्चों का शव मिला है, मामला दुर्घटना और हत्या के बीच उलझ गया है। ग्रामीण और परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं पुलिस इसे हादसा बता रही है, मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।
क्या है मामला
सहारनपुर जिले के भेला गांव में दो मासूमों की लाश सड़क के किनारे अस्त-व्यस्त अवस्था में मिली। मासूम कारण का शव सड़क के किनारे उल्टा पड़ा हुआ था, जिसके ऊपर एक छोटा सा पेड़ भी था, मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने जयपुर लाश को सिद्ध किया तो उसके हाथ और पैर की कई हड्डियां टूटी मिली और चेहरे से खून बह रहा था जबकि एक पैर पर लंबा कट भी लगा हुआ था। चेहरे पर खून ताजा लग रहा था लेकिन पर में लगे कट से खून तक नहीं निकला था और ना मौके पर खून के कहीं निशान मिले हैं। वही मासूम अवनी की लाश कारण से करीब 10 मीटर की दूरी पर गहरी खाई में सीधी पड़ी हुई मिली है, उसके चेहरे से खून निकल रहा था लेकिन शरीर पर कहीं और चोट के निशान नहीं मिले हैं। घटनास्थल पर एक स्टील की छोटी सी डोल कटोरी और उन दोनों की चप्पलों के साथ प्लास्टिक का एक टुकड़ा बरामद किया गया है, इस प्लास्टिक के टुकड़े को पुलिस कर का अगला हिस्सा मान रही है, इसी आधार पर पुलिस को यह मामला हादसा लग रहा है।
घटनास्थल पर पहुंचे राज्य मंत्री
लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह शुक्रवार को भेला गांव में ग्रामीणों के बीच पहुंचे और पीड़ित परिवार को उचित मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इस मामले को तंत्र मंत्र के चक्कर में की गई हत्या बता रहे हैं तो वही पुलिस इस घटना को प्रथम दृष्टिया हादसा मान रही है। ग्रामीणों ने राज्य मंत्री के सामने तीन मांगे रखी हैं, हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाए बड़गांव से लेकर भयाला रेलवे फाटक तक सीसीटीवी कैमरा की फोटो चेक कराई जाए, परिजनों की मोबाइल से पिछले 10 दिनों में की गई बातचीत का रिकॉर्ड चेक किया जाए। राज्य मंत्री ने कहा कि दोनों बच्चों की अगर हत्या की गई है तो हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी और मुख्यमंत्री राहत को सुचित्रा संभव हो सकेगा दोनों परिवारों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
Tags
क्राइम