बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस की हिरासत से घर पहुंचे 17 वर्षीय बालक की मौत का मामला सामने आया है। बालक के परिसरों ने थाना प्रभारी दुबौलिया और कुछ पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए, उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामले की जानकारी आते ही दो दोषी पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है, पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया गया है कि मामले की जांच कर कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाई गांव के आदर्श उपाध्याय को सोमवार के दिन एक झगड़े के मामले में पुलिस थाने पर लेकर गई थाने पर लेकर गई और मंगलवार की शाम को उसे छोड़ दिया। आदर्श घर पहुंचा तो उसे दो बार खून की उल्टी हुई, आनन फानन में परिजन उसे एंबुलेंस के द्वारा लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरैया लेकर गए, जहां से स्थिति गंभीर देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां रास्ते में ले जाते समय ही उसकी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने थाना प्रभारी सहित पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया है कि आदर्श को पुलिस द्वारा इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र त्रिपाठी ने नहीं बताया कि प्रथम दृष्टया लड़के के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट कोई निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दूसरों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।
इस घटना ने देर रात पूरे जिले का माहौल गर्म कर दिया, एक तरफ जहां दुबौलिया थाना प्रभारी की आलोचना से सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म भर गए तो दूसरी तरफ राजनीतिक गलियां में भी सक्रियता बढ़ गई। बुधवार को पूर्व मंत्री राज किशोर सिंह परिजनों से मिलने पीएम हाउस पहुंचे और उचित न्याय दिलाने की बात कही।